🇮🇳 हरियाणा गठन सम्पूर्ण सीरीज़
1000 महत्वपूर्ण प्रश्न + 10 ऑनलाइन क्विज़
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हरियाणा का गठन : 1 नवंबर, 1966
हरियाणा का इतिहास बहुत प्राचीन है, लेकिन एक अलग राज्य के रूप में इसका गठन 1 नवंबर 1966 को हुआ। तत्कालीन पंजाब राज्य को भाषायी आधार पर विभाजित करते हुए हरियाणा और पंजाब दो नए राज्य बनाए गए। यह निर्णय शाह आयोग की सिफारिशों और पंजाबी सूबा आंदोलन के बाद लिया गया।
हरियाणा के निर्माण में चौधरी देवीलाल, पंडित नेहरू और अन्य नेताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही। राज्य को शुरू में 7 जिलों के साथ स्थापित किया गया – हिसार, महेंद्रगढ़, रोहतक, करनाल, गुड़गांव, जींद और अम्बाला। बाद में कई नए जिले बनते गए।
आज हरियाणा देश के सबसे समृद्ध और खेल-कूद, कृषि तथा उद्योग में अग्रणी राज्यों में गिना जाता है। चण्डीगढ़ इसकी राजधानी है, जो पंजाब के साथ साझा है।
- गठन दिवस : 1 नवंबर 1966
- राजधानी : चण्डीगढ़
- कुल जिले : 22 (वर्तमान)
- उपनाम : हरियाणा का हरित क्रांति में योगदान
- प्रथम मुख्यमंत्री : भगवत दयाल शर्मा
- उच्च न्यायालय : पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय
हरियाणा : विरासत, संस्कृति और गौरवशाली इतिहास
हरियाणा केवल एक राज्य नहीं, बल्कि भारतीय सभ्यता की जननी है। यहाँ की माटी में वेदों की गूंज और महाभारत का रणसंग्राम बसता है। आइए जानते हैं इस धरा के गौरव को।
प्राचीन सभ्यता
हरियाणा में सिंधु घाटी सभ्यता के अनेक अवशेष मिले हैं—राखीगढ़ी, बनावली, मीताथल। यह क्षेत्र कुरु राज्य का हिस्सा था, जहाँ वैदिक संस्कृति का विकास हुआ। यज्ञों और ऋषियों की यह भूमि रही है।
महाभारत काल
माना जाता है कि कुरुक्षेत्र (हरियाणा) की धरती पर ही महाभारत का युद्ध हुआ और भगवान श्रीकृष्ण ने गीता का उपदेश दिया। यह स्थल आस्था और धर्म का केन्द्र है। हरियाणा के अनेक गाँवों के नाम महाभारत कालीन पात्रों से जुड़े हैं।
मध्यकालीन गाथा
तोमर, चौहान और तुगलक शासकों ने यहाँ राज किया। पानीपत की तीन ऐतिहासिक लड़ाइयाँ (1526, 1556, 1761) हरियाणा की धरती पर लड़ी गईं, जिन्होंने भारत के भाग्य का निर्धारण किया।
स्वतंत्रता संग्राम
1857 के स्वतंत्रता संग्राम में हरियाणा के रेवाड़ी, झज्जर, बल्लभगढ़ के राजाओं ने अंग्रेजों के खिलाफ बिगुल फूंका। राव तुलाराम, नाहर सिंह जैसे वीरों ने अपनी वीरता का लोहा मनवाया।
हरित क्रांति
1960-70 के दशक में हरियाणा ने हरित क्रांति का नेतृत्व किया। किसानों और वैज्ञानिकों की मेहनत से राज्य अनाज के मामले में आत्मनिर्भर बना। आज यह देश का 'अनाज का कटोरा' कहलाता है।
खेल एवं उपलब्धियाँ
हरियाणा ने ओलंपिक, एशियाड और राष्ट्रमंडल खेलों में देश का नाम रोशन किया है। सुशील कुमार, बजरंग पूनिया, साइना नेहवाल, नीरज चोपड़ा जैसे सितारे यहीं से आए। 'हरियाणा पहलवानों की जननी' है।
“हरियाणा का इतिहास केवल तारीखों का संकलन नहीं, बल्कि वीरता, कृषि, संस्कृति और अध्यात्म की अमर गाथा है। यह राज्य निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है।”
📜 राज्य के प्रमुख लोकनृत्य : गिद्दा, फाग, डफ, धमाल । प्रमुख त्योहार : लोहड़ी, बैसाखी, तीज ।
📚 साक्षरता दर : लगभग 76% (2021) | मुख्य फसलें : गेहूँ, चावल, गन्ना, सरसों।
